श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप और स्थापत्य को सुरक्षित रखने की दिशा में आईआईटी मद्रास की विशेषज्ञ टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है. मंदिर परिसर में निरीक्षण के दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों से पत्थर और मिट्टी के सैंपल एकत्र किए हैं. इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट तैयार करने के बाद आईआईटी मद्रास की टीम एक बार फिर काशी आएगी.
20 दिन में रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, टीम करीब 20 दिनों के भीतर मंदिर प्रशासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है. इस रिपोर्ट में मंदिर के पत्थरों के टूटने, उनके कमजोर होने और जगह-जगह से ढीले हो रहे स्वर्ण पत्रों से जुड़ी समस्याओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा. साथ ही इनके स्थायी समाधान के लिए सुझाव भी दिए जाएंगे.
